टाटा मोटर्स ने भारत और अन्य वैश्विक बाजारों में स्टेलेंटिस के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी को जारी रखने की घोषणा की है. दोनों ब्रांडों ने अपनी 50:50 संयुक्त उद्यम, फिएट इंडिया ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड (एफआईएपीएल) के माध्यम से साझेदारी के 20 वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस अवसर पर, दोनों कंपनियों ने भारत और अन्य वैश्विक बाजारों में प्रोडक्शन, इंजीनियरिंग और आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्र में सहयोग के और अधिक अवसरों की खोज के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं.
टाटा मोटर्स ने एक बयान में कहा कि यह साझेदारी स्टेलेंटिस की वैश्विक विशेषज्ञता और उसके वाहनों की स्थानीय क्षमताओं का सफलतापूर्वक लाभ उठाने में सक्षम रही है. कंपनी ने आगे कहा कि विनिर्माण, पावरट्रेन और आपूर्ति श्रृंखला में उत्कृष्टता भविष्य में सहयोग बढ़ाने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में सहायक होगी. वर्तमान में संयुक्त उद्यम प्लांट में 4 जीप और 3 टाटा मोटर्स कारों का निर्माण हो रहा है और साझेदारी की शुरुआत से अब तक 13 लाख से अधिक वाहनों का उत्पादन हो चुका है.
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स्टेलेंटिस एशिया पैसिफिक के मुख्य परिचालन अधिकारी ग्रेगोइरे ओलिवियर ने कहा, “FIAPL इस बात का प्रमाण है कि दो सशक्त संगठन मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का जश्न मनाते हुए, हम इस साझेदारी को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में भविष्य के लिए तैयार विनिर्माण, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा दिया जा सके.
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्र ने कहा, “एफआईएपीएल के माध्यम से स्टेलेंटिस के साथ हमारी साझेदारी विश्वास, साझा मूल्यों और एक समान दृष्टिकोण पर आधारित दीर्घकालिक सहयोग की मजबूती को दर्शाती है. हम आने वाले वर्षों में स्टेलेंटिस के साथ इस संबंध को और गहरा करने के लिए तत्पर हैं.”
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