जेएसडब्ल्यू ग्रुप आने वाले महीनों में अपने खुद के ब्रांड नाम के तहत भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में प्रवेश करने के करीब है. कंपनी ने अपने इस प्रयास को समर्थन देने के लिए चीनी कार कंपनी चेरी के साथ साझेदारी की है और डीलरों को जोड़ने के उद्देश्य से एक विज्ञापन में भारतीय बाजार के लिए अपने पहले यात्री वाहन की झलक दिखाई है.
टीज़र में एक लगभग डिफेंडर जैसी एसयूवी की झलक दिखाई गई है, जिसका डिज़ाइन बॉक्सी है, बोनट पर एक उभरा हुआ हिस्सा है, चौड़े फेंडर फ्लेयर्स हैं और ग्राउंड क्लीयरेंस काफी ऊंचा है. अन्य दिखाई देने वाली डिटेल्स में हेडलाइट्स के अंदर वर्टिकल रूप से लगे एलईडी प्रोजेक्टर एलिमेंट्स और बम्पर के निचले हिस्से में सेकेंडरी एलईडी लाइटिंग शामिल हैं.
टीज़र तस्वीर चेरी ऑटोमोबाइल्स के सब-ब्रांडों में से एक एसयूवी, जेटूर टी2 से काफी मिलती-जुलती है.
टीज़र में दिखाए गए मॉडल का आकार कुछ हद तक जेटूर टी2 एसयूवी से मिलता-जुलता है, जो कुछ देशों में बिकती है. चेरी ऑटोमोबाइल्स कई अलग-अलग ब्रांडों के तहत मॉडल बेचती है, जिनमें उसका अपना नाम, जेटूर, जैकू और आईकार शामिल हैं. आईकार नाम का भी कुछ महत्व है क्योंकि हाल ही में सामने आए स्पाई शॉट्स से पता चला है कि आईकार रेंज का एक मॉडल भारत में भी टैस्टिंग के दौर से गुजर रहा है.
जेटूर टी2 एक चौकोर आकार की एसयूवी है, जिसकी लंबाई 4.6 मीटर से अधिक (टेलगेट पर लगे व्हील कवर सहित 4.7 मीटर), चौड़ाई 2 मीटर से अधिक और ऊंचाई 1.8 मीटर है, और इसका व्हीलबेस 2,800 मिमी है.
जेटूर T2 एक 4.7 मीटर से अधिक लंबी, बॉक्सी एसयूवी है जिसमें मानक टर्बो-पेट्रोल और PHEV पावरट्रेन विकल्प उपलब्ध हैं; इसमें PHEV सहित 4×4 का विकल्प भी मिलता है
वैश्विक स्तर पर, जेटूर T2 मानक टर्बो-पेट्रोल और प्लग-इन हाइब्रिड पावरट्रेन विकल्पों के साथ-साथ दो-पहिया और चार-पहिया ड्राइव (PHEV) इंजन विकल्पों में उपलब्ध है. खबरों के अनुसार, भारत में PHEV तकनीक को प्राथमिकता दी जाएगी. ज़ाहिर है, जेएसडब्ल्यू एसयूवी में वैश्विक स्तर पर बिकने वाली जेटूर एसयूवी की तुलना में कुछ डिज़ाइन परिवर्तन होने की उम्मीद है, हालांकि ये परिवर्तन संभवतः बंपर, पहिए और लाइट क्लस्टर जैसे कुछ सामान्य तत्वों तक ही सीमित रहेंगे.
उम्मीद है कि एसयूवी को छत्रपति संभाजी नगर में जेएसडब्ल्यू के आगामी प्लांट में स्थानीय स्तर पर असेंबल किया जाएगा, और खबरों के मुताबिक इसका लॉन्च साल के दूसरे छमाही में होने की संभावना है. हालांकि, इसमें देरी हो सकती है, क्योंकि रॉयटर्स की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी को चीन से पुर्जे आयात करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
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